भारत का आर्थिक सर्वे 2017-18 पर एक नजर

भारत का आर्थिक सर्वे 2017-18 पर एक नजर

हेल्लो दोस्तों! इस आर्थिक सर्वे 2017-2018 के माध्यम से देश की आर्थिक स्थिति का सही आंलकन किया जा सकता है| यह आर्थिक सर्वे 2017-18 के जरिये देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से सम्बंधित आंकड़ों की जानकारियां प्राप्त होती हे|

आर्थिक सर्वे 2017-18 की प्रमुख बातें:

    • वित वर्ष 2017-18 के लिए जीडीपी ग्रोथ 6.75 फिसदी रहने का अनुमान
    • वित वर्ष 2017-18 के लिए इंडस्ट्री ग्रोथ के 4.4 फीसदी रहने का अनुमान
    • वित वर्ष 2018 में कृषि क्षेत्र की विकास दर 2.1 फीसदी रहने की संभावना
    • ग्लोबल ग्रोथ से भारत की जीडीपी ग्रोथ 4 फीसदी ज्यादा
    • उभरती अर्थव्यवस्था से भारत की जीडीपी ग्रोथ 3 फीसदी ज्यादा
    • मीडियम टर्म में रोजगार, शिक्षा और कृषि पर सरकार को फोकस
    • आने वाले वर्षो में आर्थिक प्रबंधन हो सकता है चुनौतिपूर्ण
    • इस साल निजी निवेश में सुधार के आसार

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    • चर्कीय स्थितियों के कारण वित वर्ष 2017-18 के दौरान कर संग्रह में हो सकती है कमी
    • विश्वसनीयता के जोखिम को उच्च स्तर पर लेकर जा सकता है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य
    • वित वर्ष 2017-18 में चालू खाता घाटा औसतन 1.5 फीसदी से दो फीसदी रहने का अनुमान
    • राजकोषीय समेकन की स्थिति में लाए गए ठहराव को नही किया जा सकता नजरअंदाज
    • इस वर्ष विदेशी मुर्दा भंडार में इजाफे की उम्मीद
    • मौजूदी वितीय वर्ष में उपभोक्त मूल्य सूचकांक 3.3 फीसदी रहने का अनुमान
    • मौजूदा वितीय वर्ष मे थोक मूल्य सूचकांक के 2.9 फीसदी तक रहने की संभावना
    • थोक महँगाई दर चार वर्ष में सबसे ज्यादा रहने की संभावना
    • वर्तमान में क़ूड की बढ़ती कीमते सरकार की प्रमुख चिंता
    • सरकार की प्राथमिक महँगे क़ूड के असर  आम जनता पर कम करना
    • क़ूड में इस वर्ष 12 फीसदी इजाफा का अनुमान
    • जीएसटी से अप्रत्यक्ष टैक्स चुकाने वालों की संख्या में 50 फीसदी बढ़ोतरी

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  • जीएसटी के तहत छोटे कारोबारियों ने स्वेच्छा से बड़ी संख्या में कराया रजिस्ट्रेशन
  • नोटबंदी के बाद प्रत्यक्ष करदाताओ में 18 लाख की बढ़ोतरी
  • संगठित क्षेत्र में कामगारों की संख्या अनुमान से अधिक
  • अंतरराज्यीय व्यापर और निर्यात से जुड़ी है राज्यों की तरक्की
  • भारत की एक फीसदी बड़ी कंपनियाँ ही करती है देश से 38 फीसदी निर्यात
  • प्रोत्साहन पैकेज से बड़ा रेडीमेड गरमेंट निर्यात
  • भारतीय समाज में है बेटों के लिए चाहत
  • टैक्स के मुकदमों में काफी कम है सफलता की दर
  • विकास दर को बढ़ाने के लिए होगी निवेश बढ़ाने की दरकार
  • भारतीय राज्यों का अपना कर राजस्व संग्रह अन्य देशों के प्रदेशो की तुलना में काफी कम
  • कृषि उत्पादकता पर पड़ रहा है जलवायु परिवर्तन का प्रतिकूल असर
  • देश को अपीलीय तथा न्यायिक क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित मामलों के निपटन की जरूरत

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